BJP Blogs Congress Indian Politics Latest Politics Politics State

गुजरात राज्यसभा चुनाव: बीजेपी-कांग्रेस की अग्निपरीक्षा,कई दिग्गजों की साख दांव पर

 

गुजरात की सियासत के लिए आज बेहद ही अहम दिन है या यूं कहें की प्रतिष्ठा की जंग में कई नेताओं की किस्मत का आज फैसला होना है। जीत किसकी होगी इसकी तस्वीर अभी धुंधली है लेकिन बीजेपी का कहना है कि जीत उनकी पक्की है। गुजरात में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए वोटिंग जारी है,बीजेपी की ओर से पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बलंवत सिंह राजपूत मैदान में है वहीं कांग्रेस की ओर से पार्टी के खास रणनीतिकार अहमद पटेल की साख दांव पर है। जोड़-तोड़ के आंकड़े जो अब तक बयां कर रहे हैं,उससे ये लग रहा है कि गुजरात भी भगवा रंग में रंग जाएगा, हालांकि अहमद पटेल भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। दरअसल बीजेपी ने पटेल के लिए एक ऐसा चक्रव्यूह रचा है,जिसमें अगर अहमद पटेल फंस जाते है तो आज उनके राजनितिक करियर पर ब्रेक लग सकता है और अगर चक्रव्यूह को भेद कर जीत दर्ज कर पाते है तो ये ना सिर्फ अहमद पटेल के लिए बल्कि हर जगह से उजड़ती कांग्रेस के भी राजनितिक करियर का टर्निंग प्वांइट होगा और यहां से कांग्रेस पार्टी की नई दशा और दिशा बुनी जाएगी,लेकिन क्या कांग्रेस उस एक वोट को हासिल कर पाएंगी जिसपर आज सबकी निगाहें टिकी है ये एक बड़ा सवाल है। चलिए अब आपको हार-जीत की गणित समझा देते है।
स्थिति कुछ यूं है- गुजरात में कुल 182 विधानसभा सीटें हैं। जिनमें से कांग्रेस के 6 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब 176 शेष हैं। संख्याबल पर नज़र डालें तो बीजेपी के 121 विधायक हैं,कांग्रेस के 51 विधायक हैं। इनके अलावा 2 राकांपा, 1 जदयू, 1 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। भाजपा की ओर से अमित शाह और स्मृति ईरानी का राज्यसभा पहुंचा पक्का है लेकिन वो एक सीट जिससे जीत पक्की होनी है उसके लिए 45 विधायकों के समर्थन की जरुरत है। ऐसे में 121 विधायकों के साथ अमित शाह और स्मृति ईरानी आसानी से राज्यसभा पहुंच जाएंगी। उधर पटेल को जीत के लिए 45 मत चाहिए। वर्तमान में उन्हें 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त है,इनमें से कोई भी अगर क्रॉस वोटिंग या नोटा विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, तो भी पटेल की जीत सुनिश्चित करने में एक अतिरिक्त मत की जरूरत पड़ेगी,कांग्रेस को एनसीपी के दो विधायकों और जदयू व गुजरात परिवर्तन पार्टी के एक-एक विधायक के समर्थन की उम्मीद है। तो कुलामिलाकर अहमद पटेल की राह आसान नहीं है,लेकिन एक बात ये तो साफ है कि कांग्रेस-बीजेपी की इस राजनीतिक जंग में हाल ही में कांग्रेस छोड़ चुके नेता शंकर सिंह वाघेल किंगमेकर की भूमिका अदा कर रहें है, इससे किसको कितना फायदा होगा कितना घाटा जल्द ही साफ हो जाएगा।