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उसने सोचा था सब कुछ अच्छा होगा, लेकिन हाथ कट गए और सब खत्म हो गया…

रचनात्मक तस्वीर

अपने घर को छोड़कर नसरुद्दीन 10 साल पहले नोएडा आया था. इरादा था अपने तीनों बच्चों को शहर में पढ़ाई करवाना और एक अच्छी नौकरी ढूंढ़ कर नोएडा में ही बस जाना. सपना सच हुआ भी और नसरुद्दीन को नौकरी मिल गई. उसने भी बड़ी लगन से काम किया, काम करते करते 9 साल बीत चुके थे. समय अच्छा बीत रहा था छोटी सी सैलरी में भी नसरुद्दीन और उसका परीवार खुश था.

लेकिन एक दिन ऐसा आया जब उसकी जिंदगी पूरी तरह पलट गई. नोएडा के सेक्टर-5 स्थित दीप ज्योति रबर प्राइवेट कंपनी में काम करने के दौरान पिछले साल जुलाई में हथेलियों के पास से उसके दोनों हाथ कट गए. कंपनी ने आनन-फानन में उसे कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज हुआ तो 1.30 लाख का खर्चा हो गया.

इस हाथ कटे कर्मचारी की जरूरत कंपनी को अब नहीं थी, इसलिए कंपनी ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करवा दिया और नौकरी से भी निकाल दिया. हाथ गवा बैठा नसरुद्दीन अपनी कंपनी से अपनी वफादारी के बदले कुछ मदद चाहता था, लेकिन कंपनी ने जान से मारने की धमकी दे दी. इसकी शिकायत सेक्टर-5 पुलिस से की तो मामला सेक्टर-8 पुलिस चौकी का बताकर उन्हें टरका दिया गया.

फीस न दे पाने की वजह से स्कूल ने उनके बच्चों को बाहर का रास्ता दिखा दिया. नसरूद्दीन ने बताया कि वह केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा से उनके ऑफिस में मिले तो उन्होंने जल्द मदद का भरोसा दिया. इसके बाद तो सुरक्षा गार्ड ने अंदर घुसने तक नहीं दिया. इसके बाद वह डीएम से मिले तो उन्होंने मामला लेबर कोर्ट का बताकर मदद से इनकार कर दिया.

उन्हें पता चला कि पीएम मोदी 9 मार्च को ग्रेटर नोएडा आने वाले हैं. वह उन तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए गए लेकिन पुलिस ने उन्हें स्टेज के पास जाने ही नहीं दिया. नसरुद्दीन ने बताया कि हाथ कटने के बाद कंपनी से किसी तरह की मदद नहीं मिली. हालात बिगड़े तो वो अपने बच्चों की फीस भी नहीं भर पाए. इससे उनकी पढ़ाई छूट गई है.

खाने के लाले पड़े तो उन्होंने परिवार को बिहार भेज दिया. वहां भी गुजारा मुश्किल हुआ तो उन्हें वापस बुला लिया. अब परिवार के सामने भूखा मरने की नौबत आ गई है. मामले पर जब क्षेत्र के एडीएम दिवाकर सिंह से बात की गई तो अधिकारी साहब ने वहीं बयान दिया जो ज्यादातर सरकारी लोगों के जुबान पर चढ़ा रहता है. एडीएम ने कह दिया मामले की जानकारी नहीं है, कुछ पता लगेगा तो कार्रवाई करेंगे.