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‘लिट्टी चोखा और संवाद ‘ कार्यक्रम का बने हिस्सा और जी लें ज़िन्दगी एक और बार

आज के भागती हुई ज़िन्दगी में लोगों के पास अपनों के लिए और अपने लिए टाइम ही नहीं है। सोशल मीडिया पर लोग दोस्तों से जुड़े रहेंगे ,कोई त्यौहार नहीं भूलेंगे मगर मिलने के लिए सोचना पड़ता है। इसी व्यस्तम ज़िंदगी से कुछ पल अपनों और अपने लिए चुराए और ,मनाए इस त्यौहार लिट्टी चोखा और संवाद कार्यक्रम को।

लिट्टी चोखा और संवाद कार्यक्रम’ में आपका स्वागत है. दरअसल, इसे कार्यक्रम कहना बेईमानी ही होगी, ये त्यौहार है. हमारा और आपका त्यौहार है. त्यौहार लोग साथ में मनाते हैं. इस कार्यक्रम की भी वही ख़ासियत है. इसे 13 जनवरी को  साथ मनाया जायेगा।

लिट्टी चोखा ही क्यों?

लिट्टी-चोखा एक ऐसा व्यंजन है, जिसे बिहार और पूर्वांचल के लोग बड़े चाव से खाते हैं. इसका मतलब ये नहीं है कि देश के अन्य लोग इसे चाव से नहीं खाते हैं. दरअसल, देश में बनने वाला सभी व्यंजन अपने आप में ख़ास है. जानकारी के लिए बता दें कि इस व्यंजन को भारत के लगभग सभी क्षेत्रों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है. लोग बड़े चाव से खाते भी हैं. जैसे कहीं बाटी-चोखा कहते हैं तो कहीं दाल बाटी.

लिट्टी-चोखा दुनिया का एकमात्र ऐसा व्यंजन है, जिसे पूरा समाज साथ में बनाता है और साथ में खाता है. उदाहरण के लिए कोई सत्तु का मसाला बनाने में माहिर है तो कोई आटा गुंथने में. इतना ही नहीं कोई गोयठा में आग सुलगाने में माहिर है तो कोई चोखा बनाने में. कहने का मतलब है कि लिट्टी-चोखा समाज को जोड़ने का काम करता है.

पिछले दो साल से मनाया जा  रहा है ये त्यौहार

 पिछले 2 साल से इस कार्यक्रम को दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पीछे जंगल में गांववालों के साथ मनाया जाता रहा  है। इस कार्यक्रम के माध्यम से  कई ज़िंदगियों के चेहरे पर खुशियां लाने का काम किया गया है. कई दोस्त-यार की मुलाक़ात यहीं होती है. सोचिए, दिल्ली जैसी जगह में हम इतने व्यस्त हो गए हैं कि हमें खाने का समय नहीं मिलता है, हम फेसबुक और सोशल मीडिया पर दोस्त तो हैं, मगर मिलने में सालों लग जाते हैं. एक चीज़ और है कि बड़े व फाइव स्टार होटल में आपको बेहतरीन खाना मिलेगा खाने को, मगर प्यार, सुकून और लंबी बातचीत मिलना मुश्किल है.

एक ख़ास मक़सद है

इस कार्यक्रम का मक़सद सिर्फ इतना है कि आप अपने दोस्तों के बीच, कई जाने-पहचाने चेहरों के बीच इस त्योहार को मनाएं. ख़ूब हंसे, गाएं, मस्ती करें. खिलखिलाकर हंसे. जो मन में आए करें.  बस आपके व्यस्त जीवन से एक दिन मुक्त करना चाहते हैं.

 

ये आपका त्यौहार है

ये त्योहार आपका अपना है. इसमें किसी सी पूछने की ज़रूरत नहीं है. ख़ुद आएं दोस्तों को लाएं अपने परिवार को लाएं. बच्चों को यहां बहुत अच्छा लगेगा. उनको भी ज़रूर लाए.

 सहयोग करें

ये त्यौहार हम -सबका है. इसमें आप  अपना आर्थिक सहयोग दे सकते हैं. आप चाहें तो खुद सदस्य बन सकते हैं. इस बार कार्यक्रम में कुछ बदलाव किए हैं, जो इस प्रकार से है-

इस बार थोड़ा बदलाव हुआ है

कहा जाता है कि बदलाव ही संसार का नियम है. इसलिए  कार्यक्रम में थोड़ा बदलाव किया गया  है। पिछले दो साल से  यमुना नदी के किनारे जंगल में ये कार्यक्रम किया जा  रहा था. मगर वहां सड़क बना दी गई है. अब मेन रास्ता से जंगल पूरी तरह से कट गया है. ऐसे में मज़बूरन  ये कार्यक्रम इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स में रखा गया है।

कार्यक्रम का पता

Indira Gandhi National Centre for the Arts, 11, Man Singh Rd, Near Andhra Bhavan, Rajpath Area, Central Secretariat, New Delhi, Delhi 110011

कार्यक्रम की विशेषताएं

खान-पान के अलावा कार्यक्रम में आपको ऐसे लोगों से मिलवाया जाएगा जो गुमनामी में रहकर समाज में अपनी पहचान बनाए हुए हैं. रोज़ आपको रियल हीरो के बारे में बताया जा रहा है.

हमेशा की तरह इस बार गांव के बच्चों का कॉम्पीटिशन होगा, विजेता बच्चों को आपकी उपस्थिति में अवार्ड दिया जाएगा.

इस बार  लोक कलाकर को कार्यक्रम में बुलाएंगे. अगर आप चाहें तो  नाम सुझा सकते हैं. भाषा कोई भी हो, चलेगा.

इस बार हम कुछ युवा साथियों को सम्मानित भी करेंगे. ये वो साथी हैं जो अपनी क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे हैं. जैसे- पत्रकार जो अच्छी रिपोर्टिंग कर रहे हैं. मोटिवेशनल स्पीकर, सोशल रिफॉर्मर. इसके लिए आप अपना नाम खुद सुझा सकते हैं.

कार्यक्रम के दौरान कुछ देसी गेम का आयोजन किया जाएगा. जैसे- हांडिया फोड़, म्यूज़ीक चेयर और रस्सी खींच.

हम बस आपसे वादा करते हैं कि हमेशा की तरह इस बार भी आपको एक बेहतरीन दिन और बेहतरीन पल देंगे. हमारे साथी आपकी मदद में हमेशा तत्पर रहेंगे. आपसे निवेदन हैं कि ज़रूर आएं और अपनी ज़िंदगी जी लें.

#Litti Chokha Team

https://www.facebook.com/events/253105295398188/

 

Infotainment Desk