Blogs dharam Latest

जानिए मकर संक्रांति के शुभ मुहुर्त का समय और क्या करें दान?

मकर संक्रांति तब मनाई जाती है जब सूर्यदेव एक माह के लिए अपने पुत्र शनि की राशि यानी मकर राशि में प्रवेश करते है. मान्यता है की मकर संक्रांति के आरंभ से सारे मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है. पौराणिक कथाओं में भी मकर संक्रांति के दिन का महत्व   दिया गया है. ऐसा कहा जाता है कि भीष्म पीतामह ने इस दिन अपने शरीर को स्वेच्छा से त्याग दिया था. भागीरथ के पीछे चलते हुए मां गंगा सागर से मिल गई थी और विष्णु जी ने इसी दिन असुरों का सर्वनाश किया था.

मकर संक्रांति का शुभ मुहुर्त –

14  जनवरी का पूरा दिन ही पर्व का शुभ मुहुर्त रहेगा. आप किसी भी समय भगवान सूर्यदेव और शनिदेव की पूजा कर विशेष फल का लाभ उठा सकते है. इस दिन भगवान सूर्यदेव और शनिदेव की आराधना करने से आपकी राशि के ग्रहों में कोई परेशानी नही आयेगी साथ ही ग्रहों को भी लाभ प्राप्त होगा.

करें खिचड़ी और तिल का दान-

मकर संक्रांति के पावन त्योहार पर कई भक्तगढ़ खिचड़ी और तिल को भगवान को अर्पित करते हैं साथ ही गरीबों को भी खिचड़ी का भोग कराते है. आपको बता दें कि खिचड़ी में चावल-चंद्रमा, उरद दाल-शनि, और फूल गोभी-ब्रहमा जी का प्रतीक होता है. साथ ही खिचड़ी से निकलने वाली गर्मी को सूर्यदेव का प्रतीक माना जाता है. खिचड़ी के सेवन से इन सभी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और ग्रहों में होने वाली उथल-पुथल जो हमें नुकसान कर सकती है उसमें भी शांति आ जाती है और सारी परेशानियां दूर हो जाती है.

Infotainment Desk