Latest mukhya khabar

UAE ने भारतीय नागरिकों को दिया गोल्डन वीजा

UAE संयुक्त अरब अमीरात का गोल्डन कार्ड वीजा बीते कुछ समय से चर्चा में है। हम आपको बताएंगे कि यह गोल्डन वीजा क्या है, किसे मिल सकता है और इसके फायदे क्या हैं। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि आखिर यह गोल्डन वीजा है क्या। ऐसी कई खबरें आई हैं कि यूएई में बसे कई भारतीय व्यक्तियों को भी गोल्डन कार्ड वीजा मिला है।

आपको बता दें कि, किसी भी दूसरे देश में जाने के लिए आपको दो चीजों की जरूरत पड़ती है। पहला पासपोर्ट और दूसरा वीजा। वीजा एक तरह का अनुमति पत्र होता है जो आपको इस बात की अनुमति देता है कि आप किसी दूसरे देश में जा सकते हैं। हालांकि, यह आपके वीजा पर ही निर्भर करता है कि आप कितने दिन तक उस देश में रह सकते हैं। वीजा कई प्रकार का होता है जैसे, स्टूडेंट वीजा, टूरिस्ट वीजा, बिजनेस वीजा आदि।

वहीं अब (यूएई) संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने इसी साल इस गोल्डन वीजा का एलान किया था। यह वीजा 10 साल की अवधि का होता है। यूएई सरकार ने यह वीजा वहां निवेश करने वालों, बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के मालिकों, शोधकर्ताओं और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों तो यूएई के विकास में भागीदार बनाने के उद्देश्य के साथ शुरू किया था।

यूएई के उप राष्ट्रपति और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इस साल 21 मई को गोल्डन कार्ड की घोषणा की थी। ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा था, ‘हमने निवेशकों, इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और कलाकारों को स्थायी नागरिकता देने के लिए एक नए ‘गोल्डन कार्ड’ व्यवस्था शुरू की है।’

गोल्डन वीजा होने के फायदे-

ऐसे लोग जिनके पास गोल्डन वीजा होगा उन्हें आम वीजाधारकों की तुलना में ज़्यादा सुविधाएं मिलेंगी। सबसे अहम सुविधा यह है कि वे बिना किसी अन्य व्यक्ति या कंपनी की सहायता के अपने पति या पत्नी और बच्चों के साथ यूएई में रह सकेंगे। इससे पहले अभी तक इसके लिए स्पॉन्सर की आवश्यकता पड़ती थी।

इस वीजा का एक और फायदा यह भी मिलेगा कि गोल्डन वीजाधारक तीन कर्मचारियों को स्पॉन्सर भी कर सकेंगे। इसके अलावा वह अपनी कंपनी के किसी वरिष्ठ कर्मचारी को रेसीडेंसी वीजा भी दिलवा सकेंगे। बता दें कि शेख मोहम्मद ने कहा था कि गोल्डन वीजा वितरण के पहले दौर में 70 से अधिक देशों के 6800 लोगों को यह वीजा दिया जाएगा।

गोल्डन कार्ड वीजा से संबंधित एक प्रेस वार्ता में यूएई के रेसीडेंसी और विदेशियों के मामले देखने वाले जीडीआरएफए विभाग के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अली मारी ने बताया था कि इस वीजा की अवधि 10 साल होगी। अवधि पूरी होने पर इसे रिन्यू करवाना पड़ेगा।

News Desk…