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2019 के लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की किससे है टक्कर?

प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव की पदवी पाने के बाद प्रियंका गांधी ने सोमवार को रोड़ शो कर पार्टी को सूबे में एक नई दिशा देने की कोशिश की है। तमाम दलों का मानना है लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश में बीजेपी का तोड़ हैं, लेकिन मौजूदा सियासी हालातों पर नज़र डालें तो प्रियंका गांधी की लड़ाई कहीं न कहीं किसी और से नहीं बल्कि ख़ुद से ही है। क्योंकि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लागातार बीते चुनाव में अपनी ज़मीन खोती चली आयी है लिहाज़ा इन चुनाव में ये कहा जा सकता है कि पार्टि को प्रदेश में पहली जैसी स्थिति में लाना प्रियंका के लिए एक बड़ी चुनौती होगी है।

गौर हो कि जिस तरह के बसपा और सपा ने कांग्रेस को गठबंधन से निकाल फेंका है उसका एक अहम कारण ये भी है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अब तीसरे नंबर से दूसरे नंबर पर आने के लिए जद्दोज़हद कर रही है। मौजूदा हालातों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के पास लोकसभा की मात्रा 2सीटें ही हैं बाकी सीटों पर समाजवादी पार्टी और बीजेपी का कब्जा है वहीं बसपा के ख़ाते में एक भी सीट नहीं है।

बात 2019 के लोकसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश की सियासत की करें तो तमाम टीवी चैनल्स द्वारा कराये जा रहे अब तक के सर्वे में प्रधानमंत्री की दावेदारी से लिए नरेन्द्र मोदी कहीं न कहीं जनता की पहली पसंद बने हुए हैं। जिसका एक कारण है कि मोदी सरकार द्वारा कराये गए विकास कार्य।

हालांकि कि राजनितिक पंडितों का मानना है कि प्रियंका गांधी के मैदान में आने से बीजेपी के कोर वोट पर ख़ासा प्रभाव पड़ने वाला नहीं तो कहीं न कहीं ये कहा जा सकता है कि प्रियंका गांधी गठबंधन पर भारी पड़ सकती हैं।

लिहाज़ा अब जितने चुनौती प्रियंका गांधी के सामने है उससे कहीं अधिक चुनौती गंठबंधन को अपना वोट बैंक बचाये रखने के की है। खैर, कहते हैं  कि राजनीति रणनीति का खेल है जिस पार्टी की रणनीति सबसे महतत्वपूर्ण और बड़ी होगी जनता उसी को कमान सौंपेगी।

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