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स्मृति ईरान के लिए प्रचार करना इस शख्स को पड़ा महंगा, कर दी हत्या

स्मृति ईरानी

लोकसभा चुनाव में अमेठी से सांसद स्मृति ईरानी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनका और उनकी पार्टी का प्रचार करने वाले बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह सिंह की अज्ञात बदमाशों ने शनिवार गोली मार कर हत्या कर दी। हालांकि पुलिस का कहना है कि उसने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उनसे पूरे मामले की तफ्तीश की जा रही है।

इस मामले में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक दया राम ने रविवार को बताया कि बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह  को शनिवार रात करीब 11.30 बजे अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी। उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गयी।

जानकारी के अनुसार बदमाशों ने सुरेन्द्र को उस वक्त गोली मारी जब वो रात को अपने घर के बाहर सो रहे थे, इसी बीच अज्ञात बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी। आनन-फानन में सुरेन्द्र को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

वहीं सुरेंद्र सिंह के बेटे अभय ने रविवार को इस घटना के बारे में मीडिया से कहा, ‘मेरे पिता घर के बाहर थे और हम लोग अंदर थे। अचानक बाहर गोली चलने की आवाज आई। हम बाहर दौड़ कर आए और देखा कि उनके सिर से काफी खून बह रहा है। हमलोग उन्हें जिला अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने ट्रामा सेंटर रेफर दिया। लखनऊ ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई।’

वहीं अभय ने अपने पिता की हत्या के पीछे कांग्रेस का हाथ बताया है। अभय ने कहा कि, ‘हमने हमलावरों को तो नहीं देखा लेकिन इतना साफ है कि इसमें कांग्रेस पार्टी शामिल है। मेरे पिताजी ने काफी सक्रियता से स्मृति ईरानी के लिए प्रचार किया था और इस बूथ से बीजेपी को अच्छे वोट भी मिले थे।’

अभय ने कहा कि ‘मेरे पिता स्मृति ईरानी के प्रचार में चौबीसों घंटे लगे रहते थे। स्मृति ईरानी की जीत के बाद उन्होंने विजय यात्रा भी निकाली थी। मुझे लगता है कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यह बात पसंद नहीं आई। हमें कुछ लोगों पर संदेह है।’

फिलाहाल पुलिस इस मामले की हक़ीकत की तलाश कर आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजने का दावा कर रही है। उम्मीद है कि सुरेन्द्र के हत्यारे बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।

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