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ये है काम की ख़बर, अगर परमाणु हमला हुआ तो कैसे बचें?

केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा कश्मीर से अनुच्छेद 370 ख़त्म करने बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान लगातार भारत को परमाणु हमले की धमकी दे रहे हैं। इमरान के साथ-साथ कुछ ऐसी ही गीदड़भपकी पाक सरकार के मंत्री भी दे रहे हैं। लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि, अगर वाकई में पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमला कर दिया गया तो आपको क्या करना होगा ताकि बम से निकलने वाले रेडिएशन से खुद को महफूज रख सकें।

परमाणु रेडिएशन से ऐसे करें बचाव

दरअसल, जब भी कोई परमाणु बम फटता है तो उसके फटने के बाद एक मशरुम नुमा गैस का बवंडर बनाता जो अपने आगोश में आने वाली हर एक चीज़ को तबाह कर देता है। लेकिन उससे भी ज्यादा ख़तरनाक होता है इससे निकलने वाला रेडिएशन जिसकी चपेट में आने से लोगों को कई गंभीर बीमारियां हो जाती हैं साथ ही लोगों की मौके पर ही मौत भी हो जाती है।

लंदन के किंग्स कॉलेज में सेंटर फॉर साइंस एंड सिक्योरिटी स्टडीज के प्रोफेसर डेनियल सेलिसबरी इस बात की सलाह देते हैं की सैन्य प्रतिष्ठानों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रहना ही एकमात्र विकल्प है क्योंकि अधिकतर तौर पर हमले यहीं किए जाते हैं। अगर आप किसी पहाड़ी क्षेत्र में बनी गुफा में है तो भी आप परमाणु हमले से बच सकते हैं। या फिर परमाणु हमला होने वाली जगह से दूर रहे कम से कम 2 हफ्ते तो इस जगह पर ना जाएं।

अंडर ग्राउंड मैट्रो स्टेशन आएगा काम- अगर किसी शहर पर परमाणु हमला होता हैं तो उस शहर में मौजूद अंडरग्राउंड स्टेशन आपके लिए जीवनदायी साबित होगा. ऐसे स्टेशन जमीन से बहुत ज्यादा नीचे होते हैं इसलिए यहां आप जाकर बच सकते हैं. कई देशों ने ऐसे शेल्टर बनाए हैं जिसपर परमाणु बम का असर नहीं होता लेकिन भारत में ऐसे शेल्टर सिर्फ सेनाओं और वीआईपी के लिए ही हैं।

याद रखें

1) कम से कम खाएं

2) जितना हो सके सो कर समय गुज़ारें,

3) रेडियो सुनते रहे और बाहर कि स्तिथी से परिचित रहें,

4) अपनी हिम्मत कभी ना हारे,

5) अगले चंद दिन मे आप रेडियो एक्टोस्किंग्स के शिकार हो सकते है, जिसमें आपको तेज़ बुखार, घुटन , उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है, आप अपने पास मौजूद दवाइयों का उपयोग करें,

परमाणु धमाके के ज़्यादा से ज़्यादा 5 दिनों के बाद मदद कार्य और फौजी दस्ते आपके इलाके मे पहुंच जाएंगे।

रेडियो सुनते रहे, जब आपको पुर्ण विश्वास हो जाए कि आपके इलाके मे मदद कार्य शुरु हो चुका है, तो बाहर निकल कर नज़दीकी मदतकर्ता दस्ते से तुरन्त संपर्क करें, ताकि आपको परमाणु विस्फोट कि चपेट मे आए हुए इलाके से फौरन बाहर निकाला जा सके।

यदि कोई मदतकर्ता दल आप तक ना पहुंच सकें, तो कम से कम 20 दिन बाद अपने तलघर से बाहर निकलें, अब तक विनाशकारी तूफान थम चुका होगा।

ज़िन्दगी की तरफ सफर

पनाह गाह से निकलते ही मुमकिन है कि आपको सबसे पहले अहसास यह होगा कि लाखों मे से सिर्फ आप ही ज़िन्दा बचे है, अब जिस भी प्रकार हो इलाका छोड दें और रेडियोएक्टिवीटी खत्म होने तक उस इलाके में वापस न आयें।